डेबोराह दत्ता वर्तमान में कैलगरी विश्वविद्यालय, कनाडा में पोस्ट डॉक्टरल फेलो हैं, जहाँ वे विज्ञान, गणित, इतिहास और कला से ‘जानने’ के उपनिवेशवाद-विरोधी और अन्तःविषयक तरीक़ों को समझने के लिए मिट्टी-आधारित शिक्षाशास्त्र की खोज कर रही हैं (देखें https://soilcamp.ca/)। उन्होंने होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन (HBCSE), मुम्बई से पीएचडी की है। डेबोराह को कहानियाँ, बीज और व्यंजन बनाने की विधियाँ एकत्र करना और साझा करना पसन्द है।