आई वंडर… : लक्ष्य और कार्यक्षेत्र
आई वंडर… अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी का प्रकाशन है। यह प्रिपरेटरी स्टेज (कक्षा III-V) के पर्यावरण अध्ययन (EVS) और मिडिल स्टेज (कक्षा VI-VIII) के विज्ञान शिक्षण पर केन्द्रित है। इन स्तरों पर विद्यार्थियों का पर्यावरण अध्ययन और विज्ञान से परिचय यह तय कर सकता है कि विद्यार्थी अपने परिवेश का अवलोकन करना, उसमें जो देखते हैं उस पर प्रश्न करना और साक्ष्यों के साथ तर्क करना किस तरह सीखते हैं। यह जाने हुए यानी ज्ञात और वैचारिक के बीच — आस-पड़ोस की घटनाओं से वैज्ञानिक स्पष्टीकरण तक और सामुदायिक ज्ञान से प्रमाण के साझा मानकों तक — आवा-जाही करने की क्षमता का निर्माण कर सकता है।
आई वंडर… पत्रिका ऐसे शिक्षकों के योगदान को सामने लाती है जो यह जाँचते हैं कि कक्षाओं में यह प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ती है और जो सार्वजनिक जीवन में जाँच-पड़ताल की आदतों और सूचित भागीदारी (informed participation) को विकसित करने में इसकी भूमिका पर विचार करते हैं।
‘लेखों’ में ऐसे शिक्षकों के विचारशील शिक्षण अभ्यासों को शामिल किया जाता है जो यह जाँचते हैं कि बच्चे अवलोकनों की व्याख्या कैसे करते हैं, ग़लतफ़हमियाँ कहाँ बनी रहती हैं, साक्ष्यों को कैसे परखा जाता है, और कक्षाओं में पाठ्यपुस्तक के दावों का परीक्षण कैसे किया जाता है। ‘संसाधनों’ में ऐसे साधन शामिल हैं जो विद्यार्थियों को सरल और सस्ती सामग्री के साथ स्थानीय घटनाओं को देखने, परिवर्तन को मापने, पैटर्न की तुलना करने और साक्ष्यों का उपयोग करके पाठ्यपुस्तक के दावों की व्याख्या करने में शिक्षकों की मदद करते हैं। ‘पत्रिका के अंकों’ में संस्थानों के भीतर सामूहिक अध्ययन के लिए पत्रिका के प्रिंट संस्करण शामिल हैं, ताकि शिक्षक वैज्ञानिक विचारों पर पुनर्विचार कर सकें, शिक्षण सम्बन्धी निर्णयों को परिष्कृत कर सकें और बदलती पाठ्यचर्या की अपेक्षाओं पर मिलकर प्रतिक्रिया दे सकें। जब विभिन्न सन्दर्भों से आए योगदानों को एक साथ पढ़ा जाता है, तो वैज्ञानिक समझ कैसे विकसित होती है और कहाँ चूक रही होती है — इसके पैटर्न स्पष्ट दिखाई देने लगते हैं। आई वंडर… का उद्देश्य विभिन्न स्कूलों और संस्थानों के शिक्षकों के साथ मिलकर पर्यावरण विज्ञान और विज्ञान के पेशेवर ज्ञान को सुदृढ़ करना भी है। ऐसा ज्ञान जो इस बात पर आधारित हो कि विद्यार्थी किस तरह जाँच-पड़ताल करना, दावों की व्याख्या करना और वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय मुद्दों के बारे में सार्वजनिक तर्क करना सीखते हैं।
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Publications, Azim Premji University
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