सबमिशन दिशानिर्देश

‘आई वंडर…’ के लिए लिखने में आपकी रुचि के लिए धन्यवाद। इस पृष्ठ पर कुछ विवरण दिए गए हैं जो यह तय करने में मददगार हो सकते हैं कि आप अपने किस तरह के कार्य पर आधारित लेख आदि हमें भेज सकते हैं।

उद्देश्य और पाठक वर्ग :

‘आई वंडर…’ अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी का एक प्रकाशन है। हमारा उद्देश्य ऐसे लेखों और संसाधनों को प्रकाशित करना है जो निम्नलिखित में सहायता करते हों :

  • प्रिपरेटरी स्‍टेज (कक्षा 3-5) के पर्यावरण अध्ययन (EVS) और मिडिल स्‍टेज (कक्षा 6-8) के विज्ञान का शिक्षण और अधिगम।
  • सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के कक्षा-अभ्यास और उनके साथ काम करने वाले शिक्षक-प्रशिक्षकों के कार्यशाला-अभ्यास।

हम ऐसे कार्यों पर लेख प्रकाशित करते हैं जो :

  • विद्यार्थियों को ध्यान से अवलोकन करने, साक्ष्यों के साथ तर्क करने, पाठ्यपुस्तकीय दावों का परीक्षण करने और वैज्ञानिक विचारों को अपनी रोज़मर्रा की दुनिया में लागू करने का प्रत्यक्ष अनुभव देने पर केन्द्रित हो।
  • जिसे कक्षा-अभ्यास के माध्यम से आज़माया, विचारा या परिष्कृत किया गया हो।
  • जिसे पर्यावरण अध्ययन और विज्ञान के शिक्षक अपने स्वयं के सन्‍दर्भों में कक्षा शिक्षण की योजना बनाने और उसे तैयार करने के लिए उपयोग कर सकें।
  • निर्धारित पर्यावरण अध्ययन या विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों के विचारों, विषयों या प्रश्नों के साथ स्पष्ट सम्‍बन्‍धों को रेखांकित करता हो।
  • ग्रेड-उपयुक्त अधिगम के प्रतिफलों को अपने दायरे, गहराई और अमूर्तता के स्तर को निर्देशित करने की अनुमति देता हो।
  • यह दिखाता हो कि इसके मुख्य विचारों या गतिविधियों को अलग-अलग कक्षा स्थितियों, समय की कमी और अधिगम के स्तरों के अनुसार कैसे ढाला जा सकता है।
  • ऐसी सामग्रियों का उपयोग करता हो जो कम लागत की और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हों, विशेष रूप से सरकारी स्कूल के परिवेश में।
  • शिक्षकों को यांत्रिक रूप से निश्चित चरणों का पालन करने के बजाय, सोचने, निर्णय लेने और विद्यार्थियों को प्रतिक्रिया देने के लिए आमंत्रित करता हो।

ऐसे लेख आदि जिनके ‘आई वंडर…’ के लिए उपयुक्त होने की सम्‍भावना कम है :

  • जो कक्षा-अभ्यास में पर्याप्त आधार के बिना केवल अमूर्त चर्चा, सामान्य राय या नीतिगत टिप्पणी के स्तर तक ही सीमित रहते हैं।
  • जो विद्यार्थियों की अवधारणात्‍मक समझ और विज्ञान कौशल का समर्थन किए बिना, मुख्य रूप से पाठ्यपुस्तकीय तथ्यों और परिभाषाओं को याद रखने (रटने) पर ध्यान केन्द्रित करते हैं।
  • जो विचारों और अवधारणाओं को बिना समझाए या यह साझा किए बिना बताते हैं कि वे विद्यार्थियों की वास्तविक दुनिया में क्यों प्रासंगिक हैं।
  • जो सबसे हालिया राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) में परिभाषित ग्रेड-उपयुक्त पाठ्यपुस्तक या चरण-उपयुक्त लक्ष्यों से असम्‍बद्ध अवधारणाओं या थीमों पर आधारित हैं।
  • जो काफ़ी हद तक उपदेशात्मक हैं, और शिक्षकों को यांत्रिक रूप से पालन करने के लिए चरण-दर-चरण निर्देश देते हैं, न कि उन प्रश्नों, निर्णयों और सम्‍बन्‍धों को साझा करते हैं जिन्हें शिक्षक अपनी कक्षाओं में तलाश सकते हैं।
  • जो विद्यार्थियों के ऐसे अनुभवों पर आधारित हैं जिनके लिए औपचारिक प्रयोगशाला स्थान और महँगे उपकरणों व सामग्रियों की आवश्यकता होती है।

प्रकाशन की शर्तें :

  • ‘आई वंडर…’ में साहित्यिक चोरी (plagiarism) के लिए जीरो टॉलरेंस (कतई बर्दाश्त नहीं करने) की नीति है। लेख भेजने का अर्थ है कि आप पुष्टि करते हैं कि यह मौलिक है और प्रकाशन के लिए किसी कानूनी प्रतिबन्‍ध (पूर्व कॉपीराइट स्वामित्व सहित) के अधीन नहीं है।
  • यदि आपका लेख कहीं और प्रकाशित हो चुका है, तो कृपया पिछले प्रकाशक का अनुमति पत्र शामिल करें और लेख के अन्‍त में ‘लेखक की टिप्पणी‘ (Author’s Note) में इसका उल्लेख करें।
  • यदि आपका लेख ‘आई वंडर…’ में प्रकाशित होता है, तो अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के पास इसे अनुवाद करने और प्रसारित करने का अधिकार सुरक्षित है। वर्तमान में लेख हिन्‍दी और कन्नड़ में अनूदित और प्रकाशित किए जाते हैं।
  • यदि आप ‘आई वंडर…’ में प्रकाशन के बाद अपना लेख कहीं और पुन: प्रकाशित करना चाहते हैं, तो कृपया सुनिश्चित करें कि पुन: प्रकाशित संस्करण में यह उल्‍लेख किया गया हो कि यह पहली बार ‘आई वंडर…’ में प्रकाशित हुआ था।
  • सभी लेख क्रिएटिव कॉमन्स एट्रिब्यूशन-नॉन-कमर्शियल (CC BY-NC) 4.0 इंटरनेशनल लाइसेंस के तहत प्रकाशित किए जाते हैं। इस लाइसेंस से परे अनुमतियों के लिए, कृपया हमें लिखें।

क्या भेजें :

  • अँग्रेज़ी, हिन्‍दी या कन्नड़ में एक संक्षिप्त सार (लगभग 200 शब्द) या एक पूर्ण ड्राफ्ट (लगभग 800-1500 शब्द)। लेख सरल, ग़ैर-अकादमिक भाषा में लिखे जाने चाहिए। हम न केवल यह देखना चाहेंगे कि आप क्या साझा कर रहे हैं, बल्कि यह भी कि एक शिक्षक, शिक्षक-प्रशिक्षक या शोधकर्ता के रूप में ये विचार आपके लिए क्यों मायने रखते हैं।
  • फोटोग्राफ़ प्रिंट-योग्य गुणवत्ता (कम-से-कम 300 dpi) के होने चाहिए और उनमें कैप्शन, श्रेय (credit) और लाइसेंस विवरण शामिल होने चाहिए। विद्यार्थियों को दिखाने वाले फोटोग्राफ़ केवल उनके माता-पिता या अभिभावकों की लिखित अनुमति के साथ ही शामिल किए जा सकते हैं। जहाँ तक सम्‍भव हो, कृपया बच्‍चों को सामने से दिखाने वाले (front-facing) चित्रों से बचें।
  • कृपया अपना एक संक्षिप्त परिचय (50 शब्दों से अधिक नहीं) शामिल करें जो हमें विज्ञान और/या विज्ञान शिक्षा में आपकी पृष्ठभूमि और स्कूली विज्ञान में आपकी रुचि के क्षेत्रों के बारे में बताए।

कैसे भेजें :

आप अपना लेख सबमिट करें (Submit an Article) पृष्ठ पर अपलोड कर सकते हैं या इसे ई-मेल द्वारा iwonder@apu.edu.in. पर भेज सकते हैं।