चित्रा रवि 2014 से अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी और फरवरी 2015 से आई वंडर…पत्रिका के साथ जुड़ी हुई हैं। उन्‍होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से लाइफ साइंसेेज में पीएचडी की है और दिगन्‍तर, राजस्थान से फ़ाउण्‍डेशन ऑफ़ एजूकेशन कोर्स किया है। पेशेवर अनुभव के रूप में विज्ञान और पर्यावरण शिक्षा में 18 वर्ष बिताए हैं और इस दौरान मिले शिक्षार्थियों और शिक्षकों ने प्राकृतिक दुनिया को समझने की उनकी जिज्ञासा को निरन्‍तर समृद्ध किया है।

लेखक की क़लम से

क्‍या सभी अण्‍डों से चूज़े बन सकते हैं? (शिक्षक मार्गदर्शिका II)
क्या अण्डा खाने से यौवन (प्युबर्टी) शुरू होने के समय में बदलाव आ सकता है? (शिक्षक मार्गदर्शिका III)
GBS और दूषित जल (शिक्षक मार्गदर्शिका II)
सूर्य पर नज़र रखना (शिक्षक मार्गदर्शिका I)