काग़ज़ के थर्मामीटर से तापमान मापना सीखना

अनुवाद : प्रमोद मैथिल | पुनरीक्षण : सुशील जोशी | कॉपी एडिटर : अनुज उपाध्याय

मिडिल स्‍टेज के विज्ञान विद्यार्थियों के लिए तापमान को सटीकता से मापने हेतु थर्मामीटर का उपयोग करना सीखना एक अहम कौशल है। हम काग़ज़ से बने थर्मामीटर मॉडल का इस्तेमाल करके इस कौशल को विकसित करने में उनकी मदद कैसे कर सकते हैं?

तापमान एक ऐसा शब्द है जिसे बच्चे अपने रोज़मर्रा के जीवन में सुनते और समझते हैं। स्कूल में उन्हें इस शब्द से पहली बार कक्षा-5 की पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) की पाठ्यपुस्तक (एनसीईआरटी, 2024-25) के अध्याय-15 ‘उसी से ठण्‍डा, उसी से गर्म’ में परिचित कराया जाता है।1 इस स्तर पर विद्यार्थी शायद न समझ पाएँ कि केवल स्पर्श की अनुभूति तापमान का सही अनुमान लगाने का विश्वसनीय तरीक़ा नहीं है। वे शायद इस बात को भी नहीं जानते कि तापमान को मापा जा सकता है और इसका उपयोग किसी पदार्थ (यहाँ तक कि आस-पास की हवा) की स्थिति का वर्णन करने में किया जा सकता है।2 लेकिन विज्ञान में तापमान जैसी भौतिक राशियों को सही तरह से परिमाणित करना और उनका मापन करना सीखना एक मूलभूत कौशल है। स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ-एसई, 2023) के अनुसार, मिडिल स्‍टेज की विज्ञान शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को यह अवसर देना है कि वे “…भौतिक गुणों की पहचान और मापन कर सकें व इन गुणों के बीच के गणितीय सम्बन्धों को निर्धारित कर सकें…”।3 कक्षा-6 की विज्ञान पाठ्यपुस्तक (एनसीईआरटी, पुनर्मुद्रण 2025-26) के अध्याय-7 ‘ताप और उसका मापन’ में विद्यार्थियों को पहली बार औपचारिक रूप से यह सिखाया जाता है कि चिकित्सकीय और प्रयोगशाला के थर्मामीटरों की मदद से तापमान कैसे मापा जाता है।4 हालाँकि यह प्रक्रिया आसान दिखाई देती है, लेकिन वास्तव में इसमें कई अवधारणाएँ और कौशल शामिल होते हैं, जो समय के साथ विकसित होते हैं।5 शोध से पता चला है कि मापन के सिद्धान्त कई विद्यार्थियों के लिए कठिन होते हैं और स्कूल में इन पर जितना ध्‍यान दिया जा रहा है उससे अधिक देने की आवश्यकता है।6 उदाहरण के तौर पर, मैंने देखा है कि शुरुआत में विद्यार्थियों को द्रव स्तम्भ की पहचान करना, मेनिस्कस (काँच की नली में द्रव की ऊपरी धँसी हुई या उभरी हुई सतह) को देखने और तापमान पढ़ने में कठिनाई होती है (चित्र-1 देखें)। या फिर वे तापमान को सटीक रूप से रिकॉर्ड करने में इसलिए दिक्‍़क़त महसूस करते हैं क्योंकि उन्हें यह स्‍पष्‍ट नहीं होता है कि पैमाने पर छोटे उप-विभाजनों का अर्थ क्‍या है। वे कभी-कभी सेल्सियस पैमाने और फैरनहाइट पैमाने पर किए गए माप को एक-दूसरे के स्थान पर दर्ज कर देते हैं, क्योंकि वे मापन में सुसंगत मानक इकाइयों के महत्त्व को नहीं पहचानते हैं।

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चित्र-1 : थर्मामीटर में तापमान पढ़ना। शुरुआत में विद्यार्थियों को थर्मामीटर में द्रव स्तम्भ को पहचानना, मनिस्‍कस को देखकर पता लगाना और तापमान पढ़ना मुश्किल लग सकता है। काग़ज़ से बने थर्मामीटर के मॉडल इस कौशल का अभ्यास करने में उनकी मदद कर सकते हैं। Credits: Adapted for i wonder… from an image shared by Nationwide Children’s in the article ‘Temperature: Digital and Glass Thermometers’. URL: https://www.nationwidechildrens.org/ family-resources-education/health-wellness-and-safety-resources/helping-hands/temperaturedigital-and-glass-thermometers. License: CC-BY-NC-ND 4.0.

उपरोक्त कारणों से, यह सुनिश्चित करना आवश्यक हो सकता है कि हर विद्यार्थी को थर्मामीटर स्वयं इस्तेमाल करने और उससे सही माप लेने का अभ्यास करने का अवसर मिले। हालाँकि, सुरक्षा और लागत के कारणों से कुछ कक्षाओं में यह सम्भव नहीं हो पाता। ऐसे मामलों में काग़ज़ के बने थर्मामीटर के मॉडल का उपयोग एक किफ़ायती और उपयोगी शिक्षण सहायक साधन के रूप में किया जा सकता है।

कक्षा में काग़ज़ से बने मॉडल का उपयोग

काग़ज़ से बने थर्मामीटर के मॉडल का उपयोग निम्नलिखित के लिए किया जा सकता है :

  • प्रदर्शन-अभ्यास के लिए : मैंने देखा है कि काग़ज़ के ये मॉडल कक्षा में प्रदर्शन करके दिखाने के लिए बहुत उपयोगी होते हैं। काँच के थर्मामीटर में द्रव स्तम्भ आस-पास के तापमान के अनुसार घटता-बढ़ता रहता है और मेनिस्कस कई बार विद्यार्थियों को दिखाई नहीं देता। इसके विपरीत, काग़ज़ के मॉडल में रीडिंग स्थिर रहती है। इन मॉडलों को विभिन्न आकारों में बनाया जा सकता है; मैं प्रदर्शन के लिए बड़े साइज़ के मॉडल का उपयोग करती हूँ। इन मॉडलों पर बने चिह्न दूर बैठे विद्यार्थियों को भी स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। इसके अलावा, शिक्षक काग़ज़ से बने मॉडल में आवश्‍यकतानुसार से बदलाव कर सकते हैं।
  • ख़ुद करके देखने के अनुभव के लिए : विद्यार्थियों को अपने स्वयं के काग़ज़ के मॉडल बनाने में मज़ा आता है (गतिविधि शीट देखें)। इनको बनाने का तरीक़ा आसान है और इसके लिए आवश्यक सामग्री सस्ती है। काँच के थर्मामीटर का उपयोग करने से पहले, छोटे समूह या जोड़ी में काम करते हुए, विद्यार्थी इन मॉडलों पर कई बार तापमान मापने का अभ्यास कर सकते हैं (गतिविधि शीट देखें)। यह अभ्यास उन्हें अधिक आत्मविश्वास से तापमान मापन में भी मदद कर सकता है (बॉक्स-1 देखें)।

बॉक्स-1 : पाठ्यचर्या से सम्बन्ध

थर्मामीटर के काग़ज़ के मॉडल पर आधारित गतिविधियाँ और चर्चाएँ निम्नलिखित को पूरा करने में मदद कर सकती हैं :

  • मिडिल स्‍टेज विज्ञान के लिए पाठ्यचर्या का लक्ष्य : CG-1: [विद्यार्थी] पदार्थ की दुनिया और उसके घटकों, गुणों और व्यवहार का अन्वेषण करते हैं। विशेष रूप से, यह विद्यार्थियों को निम्नलिखित क्षमताएँ विकसित करने में मदद करता है : (C-1.3) : “माप के महत्त्व को समझा पाने में और पदार्थ के भौतिक गुणों (जैसे आयतन, भार, तापमान, घनत्व) को सरल उपकरणों की मदद से स्थानीय, गैर-मानक और मानक इकाइयों में माप पाने में।”3
  • सीखने के प्रतिफल :
  • कक्षा-6 विज्ञान : [विद्यार्थी] भौतिक राशियों को मापते हैं और उन्हें SI इकाइयों (जैसे लम्बाई) में व्यक्त करते हैं; और परिवेश से प्राप्त पदार्थों का उपयोग करके मॉडल बनाते हैं और उनकी कार्यप्रणाली की व्याख्या करते हैं…।
  • कक्षा-7 विज्ञान : [विद्यार्थी] तापमान, स्पन्दन दर, गतिमान वस्तुओं की गति, एक साधारण लोलक का आवर्तकाल आदि को मापते हैं और उनकी गणना करते हैं।7

मापन अवधारणाएँ सीखना

काग़ज़ से बने थर्मामीटर के मॉडल का उपयोग मापन की निम्नलिखित अवधारणाओं से विद्यार्थियों का परिचय करवाने या इन अवधारणाओं को मज़बूत करने के लिए किया जा सकता है :

  • मापन की इकाईयाँ : एक थर्मामीटर जिस इकाई में अंशांकित (कैलिब्रेट) होता है, वह उस पर अंकित होती है। विद्यार्थियों को समझाने के लिए कि यह जानकारी कहाँ देखी जा सकती है, आप क्रमशः सेल्सियस और फैरनहाइट में कैलिब्रेट किए गए थर्मामीटर (या उनकी तस्वीरें) दिखा सकते हैं। इसके अलावा, आप इनमें से कोई भी पैमाना लेकर उसके आधार पर काग़ज़ के मॉडल बना सकते हैं, उन्हें विद्यार्थियों में वितरित कर सकते हैं और उन्हें अपने द्वारा चुने गए मॉडल पर अंकित तापमान को पढ़ने के लिए कह सकते हैं (चित्र-2 देखें)। विद्यार्थियों को यह याद दिलाना होगा कि कोई भी माप महज एक संख्या से कहीं अधिक होता है। संख्यात्मक मान का तब तक कोई अर्थ नहीं होता है जब तक उसके साथ इकाई भी लिखी और रिकॉर्ड न की गई हो। उदाहरण के लिए, आप विद्यार्थियों को माप की इकाइयाँ बताए बिना पूछ सकते हैं कि बाहर का तापमान 40° हो, तो उन्हें गर्मी लगेगी या ठण्ड। भारत में अधिकांश विद्यार्थी सम्‍भवत: इसे ‘गर्म’ मानेंगे क्योंकि यहाँ मौसम की रिपोर्ट प्रायः सेल्सियस में दी जाती है। आप उन्‍हें यह बता सकते हैं कि 40° बहुत ठण्डा मौसम होगा अगर इस तापमान माप की इकाई फैरनहाइट में हो (क्योंकि 40°F वास्तव में 4.4°C के बराबर होता है), लेकिन अगर इकाई सेल्सियस में है, तो मौसम गर्म होगा। इसलिए जब तक कि इकाई न बताई गई हो ‘40°’ कहना अर्थपूर्ण नहीं है।
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चित्र-2 : सेल्सियस पैमाने पर तापमान रीडिंग की फैरनहाइट पैमाने से तुलना। आप थर्मामीटर, काग़ज़ के मॉडल या इस तरह के किसी चित्र का उपयोग करके विद्यार्थियों को दिखा सकते हैं कि दोनों उपकरणों में द्रव की ऊँचाई भले ही समान हो, लेकिन यह दोनों पैमानों में अलग-अलग मानों (20°C बनाम 68°F) को दर्शाता है। हालाँकि दोनों उपकरणों में जो तापमान दिखाया गया है वह समान है। Credits: TheVovaNik, Wikimedia Commons. URL: https://en.wikipedia.org/wiki/ File:Fahrenheit_Celsius_scales.svg. License: CC BY-SA 4.0 International Deed.
  • थर्मामीटर परास (रेंज) : यह मानों का फैलाव है जिनके बीच सटीक और विश्‍वसनीय माप देने के लिए किसी उपकरण को डिज़ाइन किया गया है। विद्यार्थी कक्षा-6 की विज्ञान पाठ्यपुस्तक (एनसीईआरटी, पुनर्मुद्रण 2025-2026)4 के अध्याय-7, गतिविधि-7.3 में दिए गए चरणों का पालन करके थर्मामीटर या उसके काग़ज़ से बने उसके मॉडल का मापन परास निर्धारित कर सकते हैं। विभिन्न थर्मामीटरों के मापन परास को जानने से किसी विशेष अनुप्रयोग के लिए सही थर्मामीटर चुनने में मदद मिलती है। उदाहरण के लिए, एक चिकित्सकीय थर्मामीटर मानव शरीर का तापमान मापने के लिए बनाया गया है, जो लगभग 37°C के आस-पास रहता है। इसलिए इसका मापन विस्तार 35°C से 42°C तक सीमित होता है। इसके विपरीत, मौसम थर्मामीटर का मापन विस्तार −30°C से 50°C तक होता है, क्योंकि यह वायुमण्डलीय तापमान मापने के लिए डिज़ाइन किया जाता है, जिसमें मानव शरीर की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव होते हैं। आप दोनों प्रकार के थर्मामीटरों के काग़ज़ के मॉडल बना सकते हैं, विद्यार्थियों को उनका मापन परास निर्धारित करने के लिए कह सकते हैं और यह चर्चा करने को कह सकते हैं कि कौन-सा थर्मामीटर किन उपयोगों के लिए सबसे उपयुक्त होगा।
  • न्‍यूनतम मान : यह वह सबसे छोटा मान (अन्तराल) है जिसे किसी थर्मामीटर से मापा जा सकता है। यह पैमाने का सबसे छोटा विभाजन है। विद्यार्थी कक्षा-6 की विज्ञान पाठ्यपुस्तक (एनसीईआरटी, पुनर्मुद्रण 2025-2026)4 के अध्याय-7 की गतिविधि-7.4 के चरणों का पालन करके थर्मामीटर या उसके काग़ज़ से बने मॉडल का न्‍यूनतम मान निकाल सकते हैं। यही मान थर्मामीटर से किए गए माप की सटीकता तय करता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी थर्मामीटर पर दो निशानों के बीच का सबसे छोटा अन्तर 1°C है (यानी यह इसका न्‍यूनतम मान है), तो दर्ज किया गया तापमान सटीक मापन के लिए निकटतम डिग्री तक पूर्णांकित किया जाना चाहिए। शिक्षक विद्यार्थियों को स्‍वयं इस मान को निर्धारित करने का अवसर देने के लिए विभिन्‍न न्‍यूनतम मान वाले थर्मामीटर के काग़ज़ के मॉडल का उपयोग कर सकते हैं।

मापन कौशल का अभ्यास

काँच के थर्मामीटर को सम्‍हालना, उसके काग़ज़ के मॉडल के सम्‍हालने से काफ़ी अलग होता है। फिर भी, काग़ज़ के मॉडल का उपयोग विद्यार्थियों को लम्बन त्रुटि (parallax error) समझाने के लिए किया जा सकता है।

लम्बन यानी जब किसी वस्तु को दो अलग-अलग तरफ़ से देखा जाता है तो पृष्ठभूमि के सापेक्ष उसकी स्थिति में विस्थापन का आभास होता है। विद्यार्थियों को लम्बन प्रभाव जल्दी से दिखाने का एक तरीक़ा यह है : उनसे कहें कि वे आस-पास देखें और कोई ऊर्ध्वाधर किनारे वाली वस्तु ढूँढ़ें (जैसे खिड़की का फ्रेम)। फिर उनसे कहें कि वे अपनी दाहिनी आँख बन्द करें और अपनी तर्जनी उँगली को उस किनारे के साथ सीध में रखें। इसके बाद, उँगली को बिना हिलाए, दाहिनी आँख खोलें और बाईं आँख बन्द करें। अब उनसे पूछें कि क्या उनकी उँगली अब भी उसी किनारे के साथ सीध में दिख रही है। ऐसा प्रतीत होगा मानो वह किनारा एक ओर खिसक गया हो। इसका कारण यह है कि हमारी दाहिनी और बाईं आँख का स्‍थान (पोजीशन) अलग-अलग होता है।

लम्बन त्रुटि तब होती है जब माप आँखों के स्तर के बराबर स्‍तर पर न लिया जाए। ऐसे में रीडिंग वास्तविक मान से अधिक या कम हो सकती है। कक्षा-6 की विज्ञान पाठ्यपुस्तक (एनसीईआरटी, पुनर्मुद्रण 2025-2026) के अध्याय-5 ‘लम्बाई और गति का मापन’8 में विद्यार्थियों को लम्बन त्रुटि से परिचित कराया गया है। इस अध्याय में उन्‍होंने जो सीखा उसको तापमान मापने की प्रक्रिया से जोड़कर आप विद्यार्थियों से यह प्रश्न पूछ सकते हैं : “थर्मामीटर पर स्केल पढ़ते समय आँख की सही स्थिति क्या होनी चाहिए?” इस बात पर विशेष ज़ोर दें कि तापमान स्‍केल को सटीकता से पढ़ने के लिए आँखों की स्थिति बिल्कुल ठीक होनी चाहिए।

यह भी चर्चा करें कि आँखों की स्थिति में ज़रा-सा बदलाव भी लम्बन त्रुटि पैदा कर सकता है। इसे समझाने के लिए आप विद्यार्थियों से कह सकते हैं कि वे अपने पेपर मॉडल को आँखों के स्तर पर रखते हुए तापमान स्केल पर किसी निश्चित चिह्न को पढ़ें। इसके बाद उन्हें इस पेपर मॉडल का कोण अपनी आँखों के सापेक्ष थोड़ा बदलकर वही चिह्न फिर से पढ़ने को कहें। क्या उनके द्वारा रिकार्ड की गई रीडिंग में कोई अन्तर आता है? क्या वे इस अन्तर को कम करने का कोई तरीक़ा सोच सकते हैं?

काँच के थर्मामीटर की ओर बढ़ना

जब विद्यार्थी अपने काग़ज़ से बने मॉडल पर तापमान स्केल को सही ढंग से और आत्मविश्वास के साथ पढ़ने लगते हैं, तो उन्हें काँच के थर्मामीटर (चिकित्सकीय ​​या प्रयोगशाला थर्मामीटर) का इस्‍तेमाल करने और उन पर तापमान पढ़ने और सम्‍हालने का अवसर दिया जा सकता है। मैं यह ध्यान रखती हूँ कि कक्षा प्रदर्शन के लिए मेरे द्वारा उपयोग किए जाने वाले काग़ज़ से बने मॉडल में इकाइयाँ, मापन परास और न्‍यूनतम मान (least count) कक्षा में उपलब्ध प्रयोगशाला थर्मामीटर के समान हों। इससे विद्यार्थियों को काग़ज़ से बने मॉडल से काँच के थर्मामीटर पर अपनी सीख को सहजता से स्थानान्तरित करने में मदद मिलती है। फिर भी, इस दौरान उन्हें कुछ अतिरिक्त मार्गदर्शन की आवश्यकता हो सकती है, ख़ासकर उन पहलुओं में जिनका अभ्यास काग़ज़ से बने मॉडल पर सम्भव नहीं है। उदाहरण के लिए, प्रयोगशाला थर्मामीटर में द्रव स्तम्भ को पहचानने में विद्यार्थियों को कठिनाई हो सकती है। ऐसे में शिक्षक को यह दिखाना पड़ सकता है कि पतली नली में पारे (या अल्कोहल) की पतली रेखा को स्पष्ट रूप से देखने के लिए थर्मामीटर को कैसे पकड़ें और एक ओर से दूसरी ओर कैसे घुमाएँ। यह कौशल धीरे-धीरे अभ्यास से विकसित किया जा सकता है। विद्यार्थियों को आगे यह भी करना होगा कि :

  • जिस पदार्थ का तापमान मापा जा रहा है, उसके साथ तापमापी बल्ब का पर्याप्त और सही सम्पर्क सुनिश्चित करें।
  • रीडिंग दर्ज करने से पहले द्रव स्तम्भ का हिलना बन्‍द होकर स्थिर होने का इन्‍तज़ार करें।
  • किसी भी पदार्थ का तापमान मापते समय उसकी रीडिंग कई बार लें।

चलते-चलते

भौतिक घटनाओं के बारे में सटीक और मात्रात्मक तरीक़े से सोच पाने की क्षमता, वैज्ञानिक सोच विकसित करने का एक महत्त्वपूर्ण कौशल है। इसलिए जैसे-जैसे विद्यार्थी शिक्षा के विभिन्न स्तरों से होते हुए आगे बढ़ते हैं, मापन और गणना करने की उनकी क्षमता ‘विज्ञान करने’ में और भी महत्त्वपूर्ण होती जाती है। एनसीएफ़-एसई (2023) के अनुसार : “…प्रारम्भिक स्तर पर समान गुणों की पुष्टि करने से, (विद्यार्थी) धीरे-धीरे मात्रात्मक पूर्वानुमान और मापन करने की ओर बढ़ते हुए सिद्धान्तों तक पहुँचते हैं…।”3 इसमें विशेष कार्य के लिए उपयुक्त उपकरण का चयन कर पाना, उसका सही तरीक़े से उपयोग करना और मानक इकाइयों का उपयोग करके सटीक माप करना शामिल है।

मापन-सम्बन्धी अवधारणाओं और कौशलों को स्कूली पाठ्यक्रम में विभिन्न टॉपिकों में व्यवस्थित रूप से शामिल किया गया है। उदाहरण के लिए, कक्षा-6 की विज्ञान पाठ्यपुस्तक (एनसीईआरटी, पुनर्मुद्रण 2025-2026) के अध्याय-7 में ऐसी गतिविधियों की एक ऐसी शृंखला सुझाई गई है जिसका उपयोग विद्यार्थियों को सटीक तापमान मापन से जुड़ी बुनियादी अवधारणाओं और कौशलों से परिचित कराने के लिए किया जा सकता है।

थर्मामीटर का काग़ज़ का मॉडल विद्यार्थियों को इनमें से कुछ अवधारणाओं और कौशलों के साथ काम करने का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करता है। इससे विद्यार्थियों को विज्ञान की कक्षा और वास्तविक दुनिया, दोनों में काँच के थर्मामीटर का सही ढंग से उपयोग करने की ओर बढ़ने में मदद मिल सकती है। इस अनुभव से विद्यार्थी जो सीखते हैं, वह स्कूली शिक्षा के उच्च स्तरों पर अधिक मापन से सम्‍बन्धित अधिक उन्नत मापन अवधारणाओं को सीखने के लिए एक ठोस आधार भी प्रदान कर सकता है।

मुख्‍य बिन्‍दु

काग़ज़ के थर्मामीटर से तापमान मापना सीखना
  • कक्षा-6 के विद्यार्थियों से अपेक्षा की जाती है कि वे चिकित्सकीय और प्रयोगशाला थर्मामीटर का उपयोग करके तापमान मापना सीखें।
  • सटीक माप कर पाने के लिए अवधारणाओं और कौशलों के ऐसे जटिल संयोजन की आवश्यकता होती है, जिसको विकसित करने की अपेक्षा विद्यार्थियों से स्कूली शिक्षा के विभिन्न चरणों में आगे बढ़ने के साथ-साथ की जाती है।
  • विद्यार्थियों को थर्मामीटर के काग़ज़ के सस्‍ते मॉडल बनाने में शामिल करने से उन्हें सामग्रियों को सम्‍हालने का कौशल विकसित करने और इन उपकरणों से अधिक परिचित होने में मदद मिल सकती है।
  • थर्मामीटर के काग़ज़ के मॉडल विज्ञान कक्षा में उपयोगी शिक्षण सहायक सामग्री के रूप में भी कार्य करते हैं। इनका उपयोग विद्यार्थियों में कुछ महत्त्वपूर्ण मापन अवधारणाओं की समझ विकसित करने और उनको कुछ बुनियादी मापन-सम्बन्धी कौशलों का अभ्यास करने में मदद देने के लिए किया जा सकता है।
  • काग़ज़ के मॉडल के साथ अभ्यास विद्यार्थी को काँच के थर्मामीटर का अधिक कुशल उपयोग सीखने के लिए तैयार कर सकता है, लेकिन इस अभ्‍यास के दौरान आवश्यक अतिरिक्त कौशल सीखने में उन्हें सहायता की आवश्यकता होगी।

टिप्पणियाँ

  • Credits for the image (‘Reading a thermometer’) used in the background of the article title: saulhm. URL: https://pixabay.com/photos/ thermometer-temperature-instrument-106380/. License: Public Domain.
  • इस लेख में अलग किए जा सकने वाले दो कक्षा शिक्षण संसाधन भी शामिल हैं : गतिविधि शीट : अपना स्वयं का काग़ज़ का थर्मामीटर मॉडल बनाएँ और गतिविधि शीट : काग़ज़ से बने थर्मामीटर मॉडल से आप क्या सीख सकते हैं?
  • लेख के हिन्‍दी अनुवाद की समीक्षा करने के लिए हम हृदय कान्‍त दीवान के आभारी हैं।

सन्दर्भ

  1. राष्‍ट्रीय शैक्षिक अनुसन्‍धान और प्रशिक्षण परिषद (2024-2025)। ‘अध्‍याय-15 : उसी से ठण्‍डा, उसी से गर्म’। कक्षा-5 की पर्यावरण विज्ञान पाठ्यपुस्‍तक : 139-146. URL: https://ncert.nic.in/textbook/pdf/eeap115.pdf.
  2. Driver, R., Squires, A., Rushworth, P., & Wood-Robinson, V. (2014). ‘Making Sense of Secondary Science: Research Into Children’s Ideas’. Routledge.
  3. National Steering Committee for National Curriculum Frameworks (2023). ‘National Curriculum Framework for School Education 2023’. National Council of Educational Research and Training. URL: https://ncert.nic.in/pdf/NCFSE-2023-August_2023.pdf.
  4. राष्‍ट्रीय शैक्षिक अनुसन्‍धान और प्रशिक्षण परिषद (पुनमुर्द्रण 2025-2026)। ‘अध्‍याय-7 : ताप एवं उसका मापन ’। जिज्ञासा, कक्षा-6 की विज्ञान पाठ्यपुस्‍तक : 121-136. URL: https://ncert.nic.in/textbook.php?fecu1=7-12.
  5. Development and Research in Early Math Education (DREME) Network (n.d.). ‘The Mathematics of Measurement’. URL: https://prek-math-te. stanford.edu/measurement-data/mathematics-measurement. Retrieved 22 June 2025.
  6. Lee, M. Y. & Francis, D. C. (2016). ‘5 Ways to Improve Children’s Understanding of Length Measurement’. Teaching Children Mathematics, 23 (4): 218–224. URL: https://doi.org/10.5951/teacchilmath.23.4.0218.
  7. National Council of Educational Research and Training (2017). ‘Learning Outcomes at the Elementary Stage’. National Council of Educational Research and Training. URL: https://ncert.nic.in/pdf/publication/otherpublications/tilops101.pdf.
  8. राष्‍ट्रीय शैक्षिक अनुसन्‍धान और प्रशिक्षण परिषद (पुनमुर्द्रण 2025-2026)। ‘अध्‍याय-5: लम्‍बाई एवं गति का मापन’। जिज्ञासा, कक्षा-6 की विज्ञान पाठ्यपुस्‍तक : 77-98. URL: https://ncert.nic.in/textbook.php?fecu1=5-12.